प्रदेश में लैंड फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर प्रशासन सख्त हो गया है। गढ़वाल मंडल में मंडलायुक्त विनय शंकर पाण्डेय की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय में अहम बैठक हुई।
बैठक में अधिकारियों को सरकार के निर्देश पर लैंड फ्रॉड मामलों में कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए। मंडल आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय ने बैठक में 24 मामलों में तत्काल FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
जांच में सामने आया कि कुल 104 प्रकरणों में से 24 मामलों में FIR होगी और 45 मामलों को लैंड फ्रॉड की श्रेणी में नहीं रखा गया। इनमें से कुछ में आपसी समझौता हो गया है, जिन्हें सूची से ड्रॉप कर दिया गया। कुछ प्रकरणों में पैसे के लेन-देन का मामला था, जहां पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में रकम वापस कराई गई।
कुछ मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं और कुछ में पावर ऑफ अटॉर्नी कैंसिलेशन का विवाद है। पहले तय हुआ था कि हर 15 दिन में लैंड फ्रॉड के मामलों की समीक्षा बैठक होगी। लेकिन पिछले दिनों VIP कार्यक्रमों के कारण बैठक नहीं हो सकी।
28 दिन बाद दोबारा बैठक बुलाई गई। सबसे ज्यादा लैंड फ्रॉड के मामले देहरादून, हरिद्वार और टिहरी गढ़वाल जिले से सामने आए हैं। तीनों जिलों के कुल 104 प्रकरणों की समीक्षा की गई। मंडल आयुक्त ने साफ किया है कि लैंड फ्रॉड में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाएगा।













