आर्थिक संकट के बीच उम्मीद की किरण, नंदिता की शिक्षा रहेगी जारी, प्रोजेक्ट नंदा सुनंदा से स्वीकृत हुई सहायता
अपनों की प्रताड़ना झेल रही बुजुर्ग विधवा सुनीता की करूण पुकार पर डीएम ने भरण-पोषण में कराया वाद दर्ज
विधवा के तीन बच्चों की टीसी रोके जाने पर डीएम सख्त, सीईओ को तत्काल कार्रवाई के आदेश,
आर्थिक तंगी में राहत, जल कर माफी के लिए परेशान महिला को मिला प्रशासन का साथ, प्रकरण अग्रसारित
क्यारा-धनोल्टी मोटर मार्ग निर्माण में देरी, डीएम ने अधिशासी अभियंता से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

जनता दर्शन में उमड़ी भीड़ः 1़9़1 फरियादी पहुंचे समाधान की आस में
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन के जनदर्शन पर बढ़ता जन जन का विश्वास
जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनता दर्शन/जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन कर जनसमस्याओं का निस्तारण किया गया।
जनता दरबार में उपस्थित फरियादियों ने भूमि विवाद, निजी भूमि का सीमांकन, अवैध कब्जा, आपसी विवाद, आर्थिक सहायता, रोजगार, शिक्षा, नगर निगम से संबंधित कुल 191 शिकायतें एवं समस्याएँ जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कीं।
जिलाधिकारी ने सभी जनशिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

नालापानी चौक निवासी विधवा वृद्धा सुनीता शर्मा ने अवगत कराया कि उनके पति द्वारा जीवनकाल में अपने छोटे पुत्र एवं पुत्रवधू को संपत्ति से बेदखल किया गया था तथा संपत्ति संबंधी वाद सिविल न्यायालय में विचाराधीन है।
पति के निधन के उपरांत छोटा पुत्र एवं बहू उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने एसडीएम को भरण-पोषण एक्ट के अंतर्गत वाद दायर करते हुए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
धर्मपुर निवासी विधवा पिंकी सैनी ने बताया कि पति के निधन के उपरांत आर्थिक अभाव के कारण वह अपनी बिटिया की विद्यालयी शुल्क जमा करने में असमर्थ हैं। इस पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को जांच कर पुत्री नन्दिंता की शिक्षा निरंतर बनाए रखने हेतु ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के अंतर्गत आवेदन प्रस्तुत कराने के निर्देश दिए।
चन्द्रबनी निवासी विधवा बविता सिंह ने बताया कि उनके पति की मृत्यु के पश्चात आर्थिक संकट के कारण उनके तीनों बच्चों की पढ़ाई बाधित हो गई है।

बच्चे पूर्व में दून बैन्टेज स्कूल में अध्ययनरत थे, किन्तु शुल्क न जमा होने के कारण विद्यालय द्वारा स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) निर्गत नहीं किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि तीनों बच्चों का टीसी तत्काल दिलवाया जाए तथा उनका प्रवेश निकटवर्ती राजकीय विद्यालय में सुनिश्चित किया जाए।
विन्दाल निवासी विधवा अलीशा खत्री ने बताया कि उनका पुत्र एसजीआरआर विद्यालय में कक्षा 9 में अध्ययनरत है, किन्तु विगत आठ माह से शुल्क न जमा होने के कारण विद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा में बैठने से रोका जा रहा है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को छात्र की शुल्क विवरणी उपलब्ध कराने तथा बच्चे की पढ़ाई जारी रखने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
प्रतीपनगर निवासी अनीता देवी ने आर्थिक तंगी के कारण जल कर (पानी का बिल) माफ करने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने प्रकरण को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के अंतर्गत आर्थिक सहायता हेतु अग्रसारित करने के निर्देश दिए।
विकासनगर निवासी रूपा गुप्ता ने अवगत कराया कि उनकी संपत्ति संबंधी वाद सिविल न्यायालय में विचाराधीन है तथा यथास्थिति बनाए रखने के आदेश के बावजूद जल संस्थान द्वारा जल संयोजन काट दिया गया है। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को तत्काल जल संयोजन बहाल करने तथा कनेक्शन विच्छेदन के कारणों सहित विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
पंचायत घर क्यारा में नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण की मांग पर आवश्यक जांच उपरांत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। क्षेत्र पंचायत सदस्य द्वारा अवगत कराया गया कि क्यारा-धनोल्टी मोटर मार्ग का निर्माण लंबित होने के कारण लगभग 15 गांव सड़क सुविधा से वंचित हैं। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग को प्रकरण में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
राजकीय इंटर कॉलेज काण्डोई भरम में पेयजल समस्या के संबंध में मुख्य विकास अधिकारी को जल संस्थान के माध्यम से शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।

इन्द्रलोक कॉलोनी निवासी 75 वर्षीय हरीश सिंह ने सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण की शिकायत प्रस्तुत की। जिलाधिकारी ने तहसीलदार को तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
प्रेमनगर निवासी 92 वर्षीय चंचल सिंह ने भूमि के दाखिल-खारिज न होने की शिकायत की। इस पर तहसीलदार को जांच कर शीघ्र रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया।
टिहरी बांध परियोजना के अंतर्गत पुनर्वास स्थल बंजरावाला तथा देहरादून में आवंटित कृषि भूखंड संख्या 23 एवं 24 की पैमाइश कराने के अनुरोध पर तहसीलदार को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।














